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Wednesday, April 24, 2013

laajawabi unke husn ki nahi

लाजवाबी उनके हुस्न की नहीं,तेरी नज़रों की है,
उम्र के इस दौर में भी ,वो तुमको हसीं लगती है ।
ख्वाब है  वो तन्हा सा , कोई हकीकत नहीं है ,
जो दिन के उजाले में भी ,महताब सी दिखती है ।

डॉ अ कीर्तिवर्धन
8 2 6 5 8 2 1 8 0 0

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