Pages

Followers

Wednesday, November 14, 2012

जिंदगी तू ही बता ! तुझे कैसे न प्यार करूँ?
प्रत्येक सुबह मेरा तजुर्बा बढ़ा देती है |
जीने का मुझमे हौसला जगा देती है |
डॉ अ कीर्तिवर्धन
8265821800

5 comments:

  1. सुबह देखता जब तुम्हें, नींद जा रही भाग ।

    अलबेली तू जिंदगी, भरी बर्फ सह आग ।

    भरी बर्फ सह आग, पिघलती मद्धिम जाए ।

    करे कर्म अटपटे, आग धीमी दहकाए ।

    रविकर दर्शन पाय, धूप में देह सेकता ।

    अनुभव बढ़ता जाय, दुबारा सुबह देखता ।।

    ReplyDelete
  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

    ReplyDelete
  3. बहुत ही बढिया।

    ReplyDelete
  4. उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

    ReplyDelete
  5. bahut bahut aabhar mitron,hausala afjai ke liye

    ReplyDelete