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Tuesday, March 19, 2013

dharmnirpekshtaa

जो लोग अपने धर्म का अभिमान नहीं करते, 
जो लोग अपनी संस्कृति का मान नहीं करते
राष्ट्र की खातिर क्या सर कटायेंगे ,कमीने
जो लोग अपने माँ-बाप का सम्मान नहीं करते ।

धर्म का मतलब अनुशासन है ,बात समझ लें ,
संस्कार मतलब नियम है ,बात समझ लें ,
सभ्यता ,संस्कृति , पुरखों की विरासत है,
सभ्य आचरण हमको करना ,बात समझ लें ।

क्या होती है धर्मनिरपेक्षता ,कोई बता दे,
किस शब्दावली में लिखा अर्थ , कोई दिखा दे ,
जाते हैं जो चर्च और मस्जिद में प्रतिदिन ,
धर्मनिरपेक्षता की बातें , कोई उन्हें बता दे ।

कहते हैं सब हिन्दू ,धर्मनिरपेक्ष हो जाओ ,
अपनी संस्कृति से सब , निस्तेज हो जाओ ,
हिन्दू करता मान सभी धर्मों का फिर भी,
हमसे ही कहते हैं सब ,खामोश हो जाओ ।


लुटती अस्मत बहन बेटियों की भारी है
धर्मान्तरण का खेल अभी भी जारी है
नहीं किया गर ध्यान इस खेल पर तुमने
भारत में अलग राष्ट् निर्माण की तैयारी है ।

इस्लामवाद के पक्षधर भी आगे आये हैं
इस्लामी बने मुल्क , अभियान चलाये हैं
वंश वृद्धि ,आतंकवाद इसी की एक कड़ी है
हिंदुत्व पर हमला , इसे मिटाने आये हैं ।

जागो राष्ट्र प्रहरी और युवाओं जागो तुम
धर्मनिरपेक्ष पशु होते हैं, जानो तुम ,
धर्म का मतलब हिंदुत्व में मानवता है ,
धर्म का सार ,यहाँ पहचानो तुम ।

डॉ अ कीर्तिवर्धन

8265821800

1 comment:

  1. आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा बुधवार (20-03-13) के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
    सूचनार्थ |

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