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Tuesday, March 12, 2013

gulaab

आज तो गुलाब-गुलाब हो रहे हो,
खुशबु से सरोबार हो रहे हो ।
जागता रहा जिसके ख्यालों में हरदम ,
आज वही हंसी ख्वाब हो रहे हो ।
डॉ अ कीर्तिवर्धन
8265821800

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