Pages

Followers

Tuesday, December 25, 2012

किसी के बगैर मरना कोई बहादुरी तो नहीं,
अगर यूँ  ही मर जाते,जहाँ खाली हो जाता |
अच्छा है कुछ कर जाएँ,और जिन्दा रहें वो,
मेरे सांस लेने का मकसद ,यूँ पूरा हो जाता |
डॉ अ कीर्तिवर्धन
8265821800




No comments:

Post a Comment