Pages

Followers

Saturday, January 19, 2013

pyar ka dard



जो बात तुम हमें कभी कह नहीं पाए,
दर्द सहकर भी,वह दर्द सह नहीं पाए ,
कैसे कहें हम भी तुमसे ,चाहते हैं तुम्हें ,
रुसवाई व ज़माने के डर से कह नहीं पाए ।
डॉ अ कीर्तिवर्धन
 8265821800

No comments:

Post a Comment