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Wednesday, February 20, 2013

najaron se gira sakate ho

नज़रों से गिरा सकते हो मुझको ,
मगर दिल से मिटा सकते नहीं ।
प्यार करो ना करो,अख्तियार तुमको ,
मुझसे नफ़रत को भुला सकते नहीं ।
डॉ अ कीर्तिवर्धन
8265821800

1 comment:

  1. बहुत ही सुन्दर रचना.

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