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Sunday, March 17, 2013

तेरी नजरें मिली मुझसे,मेरी किस्मत बदल गयी,
जहाँ से भी तू गुजरी ,वहां की फिजा बदल गयी |
दीवाने थे तेरे इश्क में , इस शहर में हजारों ,
तू मुझे क्या मिली कि सबकी सीरत बदल गयी |
मची थी होड़ तुझे पाने कि , सबके जिगर में,
बदले कि आग ही  , कोहराम में बदल गयी |
डॉ अ कीर्तिवर्धन
8265821800

1 comment:

  1. ये तो होना ही था......

    अनु

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