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Sunday, November 10, 2013

yah jaruri hai aman ke vaaste

यह जरुरी है अमन के वास्ते, बन्दूक और बम भी सरहद पर रहें तने,
मगर ध्यान इतना रखना होगा, कोई मजलूम ना उसका शिकार बने।

तितलियों, परिन्दों व रंगों की बात होगी, दहशतगर्दी का विनाश करें,
खिलेंगे फूल फिर से अमन के वादी में, एक ही कानून का आगाज़ करें।  

डॉ अ कीर्तिवर्धन

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