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Tuesday, February 4, 2014

haiku-saraswati vandana

सरस्वती वंदना

वन्दे शारदे
मुझे बुद्धि वर दे
मृदु स्वर दे ।

वीणा वादिनी
राग द्वेष हर ले
मुझे वर दे ।

करूँ याचना
दया भाव भर दे
मानवता दे ।

मधुमय हो
पल-पल जीवन
शान्ति वर दे ।

जाति  धर्म का
कोई भेद रहे ना
भाव भर दे ।

देश प्रेम ही
लक्ष्य हो जीवन का
ऐसा वर दे ।

हंस वाहिनी
आया शरण तेरी
पाद  रज दे ।

हर पल मैं
तेरे ही गुण गाऊं
मुझे स्वर दे ।

डॉ अ कीर्तिवर्धन
8265821800

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